मोहित गोयनका कैसे बने Yahoo.in के डायरेक्टर ? Mohit Goenka Biography in Hindi

Mohit Goenka biography in hindi

गोरखपुर शहर के लाल मोहित गोयनका ने यूनाइ‍टेड स्‍टेट ऑफ अमेरिका में कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं। उन्‍होंने अपने नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई है। मोहित गोयनका को संयुक्त राज्य अमेरिका के सिलिकान वैली स्थित याहू डॉट इन के डायरेक्टर की कमान मिली है। 24 फरवरी को उन्‍होंने याहू डॉट इन (yahoo.in) के डायरेक्‍टर के पद पर ज्‍वाइन किया। उनकी इस उपलब्धि पर उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। मोहित की उपलब्धि से पूर्वांचल का नाम रौशन हुआ है। 


साहबगंज में रहने वाले मोहित के पिता किशन गोयनका कपड़ा व्यापारी हैं। मोहित के पिता किशन गोयनका का शुक्रवार को दिल्‍ली के एक अस्‍पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ। मोहित की इस उपलब्धि पर उन्‍होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं सारे शहर की उपलब्धि है। मोहित की माता जी ने बताया कि वह 2009 में अमेरिका गए थे। इसके पहले वह सीनियर इंजीनियरिंग मैनेजर थे। 24 फरवरी को उन्‍होंने डायरेक्‍टर के रूप में ज्‍वाइन किया। जब वह याहू डॉट इन (yahoo.in) के डायरेक्टर बने तो खुशी की लहर घर परिवार से लेकर पूरे क्षेत्र में महसूस की गई। मोहित सिलिकान वैली, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित कार्यालय से पूरी दुनिया में वह याहू डॉट इन को संचालित करेंगे।

पिता किशन गोयनका ने बताया कि परिवार की स्थिति अच्छी नहीं होने के बाद भी हमने मोहित को अच्छे से पढ़ाया। मोहित शुरू से मेधावी छात्र रहे हैं। कक्षा दस में उन्‍होंने गोल्‍ड मेडल हासिल किया था। कक्षा पांच तक पढ़ाई गोरखनाथ रोड पर साकेत नगर के आगे स्थित स्प्रिंगर स्कूल से हुई। कक्षा छ: से 12 तक की शिक्षा लिटिल फ्लावर स्कूल, धर्मपुर से ली। कक्षा 10 में गोल्ड मेडल भी मिला। भोपाल के लक्ष्मीनारायण टेक्निकल इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बी-टेक किया। यहां एकेडमी अवार्ड भी मिला। यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न, कैलीफोर्निया से एमएस (मास्टर ऑफ साइंस) की डिग्री हासिल की। 2012 में 'याहू डॉट इन' में वह बतौर इंजीनियर नियुक्त हुए। 2018 में सीनियर इंजीनियर बने। बेहतर सेवा व अपनी कार्य क्षमता से कंपनी के उच्च पद तक पहुंचे।

साहबगंज निवासी मोहित के पिता किशन गोयनका कपड़ा व्यापारी हैं। वह बी-काम करने के बाद व्यापार में लग गए। उन्हें हमेशा उच्च शिक्षा हासिल न कर पाने का मलाल रहा। इसलिए मोहित को शुरू से अच्छी शिक्षा दिलाने की सोची। उनकी पढ़ाई पर ध्यान दिया और व्यापार में उनका बिल्कुल सहयोग नहीं लिया। परिणाम उनकी अपेक्षा के अनुरूप निकला। मोहित दुनिया की एक बड़ी कंपनी में इंजीनियर से सफर शुरू करते हुए डायरेक्टर पद पर पहुंच गए। उनकी उपलब्धि से न सिर्फ उनके पिता बल्कि पूरा परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

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