B.R. Chopra Mahabharat के बलराम | Sagar Salunke Biography in Hindi

B.R. Chopra Mahabharat के बलराम | Sagar Salunke Biography in Hindi

याद करिये B.R. Chopra की वो महाभारत जिसके लिए समय ठहर जाता था। रामायण और महाभारत 1990 के दशक के वो धारावाहिक हैं जिनके कारण सड़कों पर कर्फ्यू जैसी स्तिथि हो जाती थी। सब के सब टीवी के सामने। क्या गजब दृस्य होता होगा। इन सब में ख़ास थे रामायण महाभारत के कलाकार। इस वीडियो से पहले हमने और कलाकारों के जीवन पर वीडियोस बनाये थे। आज बात करते हैं B R चोपड़ा की महाभारत के बलराम की। महाभारत के बलराम तो आपको याद हो होंगे। मेरा दावा है वो आपके सामने कई बार आये पर आप पहचान नहीं पाए होंगे। जी हां हम बात कर रहे हैं सागर सालुंके जी की। आप सभी से अनुरोध है वीडियो पूरा देखना। इस वीडियो में आप लोगों को एक बहुत ख़ास बात बताऊंगा। आप वो बात जानकर हैरान रह जायेंगे की ऐसी भी क्या दीवानगी कलाकारी की। 
सागर सालुंके को लोग अगर पहचानते हैं तो उनके बलराम के किरदार के लिए जो इन्होने महाभारत धारावाहिक में निभाया था। महाभारत की सफलता के बाद सागर जी को काफी मौके मिले हिंदी फिल्मो में काम करने के। जैसे की 1996 में आयी फिल्म हिन्दुस्तानी जो की कमल हसन की तमिल फिल्म इंडियन की dubbed है। उसके बाद गंगा जमुना सरस्वती 1988 में, मुहब्बत का पैगाम 1989 में, ज़िंदगी एक जुआ 1992 में, कल की आवाज 1992 में , कवि 2009 में, ज़रा संभल के 2013 में आदि अनेकों फिल्मों की। साथ ही साथ वो डिटेक्टिव के किरदार में नजर आये स्टार टीवी के शो सावधान इंडिया में। इसके अलावा वह सलमान स्टारर फिल्म गर्व में भी नजर आये थे। 
बात करें बलराम जी के किरदार की तो आपको आश्चर्य होगा की कैसे इनको बलराम का किरदार मिला। सागर सांलुके जी शुरू में मुंबई के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस थे। लेकिन जब हाथों की लकीरों में कुछ और लिखा हो तो आपकी मेहनत और लगन आपको अपनी राह में ले जाती है। इसी का नतीजा था की उन्होंने अपनी कला को महत्व देते हुए अपनी इच्छा से रिटायरमेंट ले लिया। जब इनको बलराम के किरदार को निभाने के लिए फ़ोन आया तब ये सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन पर तैनात थे। लेकिन अंततः उन्हें अपने सपने को करने की छूट मिल गयी। अब वो पिछले करीब 32 साल से अपने काम में व्यस्त हैं। उन्होंने कभी अपने शौक को अपने काम के आड़े नहीं आने दिया। भाग्य से उन्हें छोटी पुलिस चौकी पर तैनात कर दिया गया। जहाँ काम भी कम है और उन्हें अपनी कला को आगे ले जाने का समय भी पूरा मिल गया। 
इन्हे सबसे पहले महाभारत में भीम के किरदार के लिए चुना गया था। लेकिन बाद में भीम का किरदार दो बार के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता प्रवीण को दे दिया गया और सागर सालुंके जी को बलराम जी के किरदार के लिए फाइनल कर लिया गया। एक बात को सुन कर आपको और आश्चर्य होगा की सागर सांलुके जी एक प्रसंसक के संपर्क में बहुत समय से हैं। इस फैन ने इन्हे एयरपोर्ट के इमीग्रेशन डिपार्टमेंट पर इनको पहचान लिया था। पहचानते ही इनको जोर जोर से बलराम कह कर पुकारने लगा।  और तब से ये उस प्रसंसक से जुड़े हुए हैं। 

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां